कभी कभी सोचता हूँ
कितना मुश्किल है ,
आज के इस दौर मैं
मन् को शांत रखना
ख़ुद के करीब आना
अनदेखा कर देना उन चीजों को
जो दिख रहीं हैं
और देखना उन चीजों को
जो दिखाई नहीं देती
दूसरों से कम बातें करना
शांत रहना
और अकेले मैं ख़ुद से बातें करना
अपने आप को देखना
दूसरों के नजरिये से
और दूसरों की जगह
ख़ुद को रखना
समझना उस आदमी को
जो आपका दिल दुखाता है
और इतनी समझ रखना
की किसी का दिल नहीं दुखे
अपने आप को
रोज बदलते रहना
उन लोगों के साथ रहते हुए
जो बरसों से नहीं बदले
भीड़ से भरी सड़कों पर
ऐसे चलना
जैसे चल रहे हों
किसी खाली सड़क पर
2 comments:
wow!, beaytiful lines...i loved the last four lines...very well thought and expressed...keep going
thank u mam
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