Friday, February 10, 2012

Live life!!

मेरे पलकें उठाने तक
ये लम्हा गुजर जायेगा
तो क्या मजा आएगा

मैं काम का आदमी हूँ
तू मुझे इसलिए चाहेगा
तो क्या मजा आएगा

तुझे हँसाने की कोशिश मैं
तेरा चेहरा उतर जायेगा
तो क्या मजा आएगा

संघर्ष तो करना ही है मगर
संघर्ष मैं ही जीवन गुजर जायेगा
तो क्या मजा आएगा

घर से दूर हूँ मैं रोजी के लिए
मेरा बच्चा एक साल का हो जायेगा
तो क्या मजा आएगा

उसे ग़मों की आदत सी हो गयी है
अब तू उसको सताएगा
तो क्या मजा आएगा

-- कपिल देशराज